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सेवा सेतु: जाति प्रमाण पत्र से खुला हिरामन के लिए शिक्षा-रोजगार का द्वार

गुरुवार, 30 जुलाई 20262 व्यूज
सेवा सेतु: जाति प्रमाण पत्र से खुला हिरामन के लिए शिक्षा-रोजगार का द्वार
दुर्ग की हिरामन को सेवा सेतु के माध्यम से अन्य पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाण पत्र मिला, जिससे उसकी आगे की पढ़ाई और रोजगार की राह आसान हो गई। यह पहल जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मददगार साबित हो रही है।

रायपुर, 29 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी 'सेवा सेतु' पहल जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित हो रही है। इसी कड़ी में, दुर्ग निवासी सुश्री हिरामन को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का जाति प्रमाण पत्र 'सेवा सेतु' के माध्यम से प्राप्त हुआ है, जिसने उनके शिक्षा और रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आने वाली सुश्री हिरामन को अपनी आगे की पढ़ाई और भविष्य में रोजगार प्राप्त करने के लिए जाति प्रमाण पत्र की तत्काल आवश्यकता थी। पिता के निधन के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर आ गई थी। बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी के अभाव में वे काफी समय से परेशान थीं। ऐसे में 'सेवा सेतु' की जानकारी मिलने पर उन्होंने जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया।

सेवा सेतु प्रबंधक ने सुश्री हिरामन के आवेदन की बारीकी से जांच की और उन्हें आवश्यक दस्तावेजों को जुटाने तथा पूरी प्रक्रिया को समझने में पूरा सहयोग किया। मार्गदर्शन और समन्वय के चलते संबंधित विभाग ने 30 जून 2026 को उनके ओबीसी जाति प्रमाण पत्र को अनुमोदित कर जारी कर दिया।

जाति प्रमाण पत्र मिलते ही सुश्री हिरामन की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि अब उन्हें शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कोई बाधा नहीं आएगी। इतना ही नहीं, इस प्रमाण पत्र के आधार पर वे अपने छोटे भाई-बहनों के लिए भी जाति प्रमाण पत्र बनवा पाएंगी। उन्होंने 'सेवा सेतु' की त्वरित, पारदर्शी और जनहितैषी कार्यप्रणाली की मुक्तकंठ से सराहना की और मुख्यमंत्री तथा जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। यह पहल शासन की मंशा को दर्शाता है कि कैसे सरकारी योजनाएं आम आदमी तक पहुंचकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।

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