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बालकोनगर में जगन्नाथ रथ यात्रा का भव्य आयोजन, आस्था में डूबे श्रद्धालु

शुक्रवार, 17 जुलाई 20262 व्यूज
बालकोनगर में जगन्नाथ रथ यात्रा का भव्य आयोजन, आस्था में डूबे श्रद्धालु
बालकोनगर में उत्कल भारती समिति द्वारा आयोजित भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस धार्मिक आयोजन में भक्तों ने भक्तिभाव से भाग लिया और वातावरण जय जगन्नाथ के नारों से गूंज उठा।

बालकोनगर, 16 जुलाई। भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा का भव्य उत्सव बालकोनगर में धूमधाम से मनाया गया। बालको उत्कल भारती समिति द्वारा आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में मुख्य अतिथि के तौर पर बालको के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (धातु) श्री निकेत श्रीवास्तव उपस्थित रहे। उनके साथ अनेक वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिवारजन एवं बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल हुए। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के पश्चात भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा एवं भगवान बलभद्र को सुसज्जित रथ पर विराजमान कर यात्रा का शुभारंभ किया गया।

श्री श्रीवास्तव ने स्वयं पूजा-अर्चना कर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया और श्रद्धालुओं के साथ मिलकर रथ को खींचकर इस पुण्य परंपरा में अपनी सहभागिता निभाई। रथयात्रा के दौरान 'जय जगन्नाथ' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। यात्रा के आगे चल रहे कर्मा नृत्य दल ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुन, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को उत्सव का रूप दे दिया।

यह रथयात्रा राम मंदिर से प्रारंभ होकर बालकोनगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए श्री गुंडिचा मंदिर पहुंची। यहां भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा एवं भगवान बलभद्र की विधिवत स्थापना की गई और विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। आयोजन समिति के अनुसार, 16 जुलाई से 24 जुलाई तक श्री गुंडिचा मंदिर में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, महाप्रसाद वितरण एवं अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

बालकोनगर में पिछले 45 वर्षों से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक सहभागिता का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी बन चुका है, जो क्षेत्र के लोगों को एक साथ जोड़ता है।

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