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सांकरा उपकेंद्र की क्षमता बढ़ी, 200 गांवों को मिलेगी बेहतर बिजली

मंगलवार, 4 अगस्त 20260 व्यूज
सांकरा उपकेंद्र की क्षमता बढ़ी, 200 गांवों को मिलेगी बेहतर बिजली
महासमुंद जिले के सांकरा उपकेंद्र में 40 एमवीए का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक चालू किया गया है। इससे लगभग 200 गांवों में ओवरलोड और लो-वोल्टेज की समस्या से निजात मिलेगी, और बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा।

रायपुर: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी प्रदेश में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपने पारेषण नेटवर्क को लगातार मजबूत कर रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, महासमुंद जिले के 132/33 केवी उपकेंद्र सांकरा की क्षमता में वृद्धि की गई है। सोमवार को 40 एमवीए क्षमता के अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर का सफल ऊर्जीकरण किया गया, जिसकी देखरेख प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने स्वयं की। इस अवसर पर उपकेंद्र परिसर में पौधारोपण भी किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

नए ट्रांसफार्मर के जुड़ने से सांकरा उपकेंद्र की कुल स्थापित क्षमता अब 143 एमवीए हो गई है, जबकि पहले यहां 40 एमवीए और 63 एमवीए के ट्रांसफार्मर कार्यरत थे। यह महत्वपूर्ण कार्य मात्र एक माह 15 दिनों की अल्पावधि में पूरा किया गया। प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह के मार्गदर्शन में प्रदेश के पारेषण नेटवर्क को सुदृढ़ किया जा रहा है, जिसमें आदिवासी, वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत अधोसंरचना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सांकरा उपकेंद्र में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर के चालू होने से उपभोक्ताओं को जहां गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी, वहीं पिछले वर्ष पीक लोड सीजन के दौरान लगभग 96 एमवीए तक पहुंचने वाले लोड के कारण उत्पन्न हो रही ओवरलोड और लो-वोल्टेज की गंभीर समस्याओं से भी राहत मिलेगी। इस विस्तार का सीधा लाभ क्षेत्र के लगभग 200 गांवों को मिलेगा, जिससे उनकी कृषि और अन्य औद्योगिक गतिविधियों को भी संबल मिलेगा। यह क्षेत्र कृषि आधारित उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण है, और बेहतर बिजली आपूर्ति से आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

सांकरा उपकेंद्र को 132 केवी सरायपाली और 132 केवी झलप पारेषण लाइनों से बिजली मिलती है, और यहां से 33 केवी के 9 फीडरों के माध्यम से बिजली का वितरण होता है। इस परियोजना पर लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस दौरान मुख्य अभियंता श्री अब्राहम वर्गीश, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री आर.के. तिवारी, अधीक्षण अभियंता श्री विक्रम मंधान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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