मरवाही में हाथियों का आतंक: मकानों-फसलों को नुकसान, अलर्ट जारी

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: छत्तीसगढ़ के मरवाही वन क्षेत्र में जंगली हाथियों के एक दल की मौजूदगी से हड़कंप मच गया है। तीन हाथियों के इस दल ने न केवल ग्रामीणों के घरों को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि कीमती फसलों को भी रौंद दिया है। इस घटना के बाद वन विभाग ने प्रभावित इलाकों में अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, मरवाही वन मंडल में हाथियों का यह दल पिछले कुछ दिनों से लगातार विचरण कर रहा है। वन विभाग के अधिकारी हाथियों की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है और लोगों से जंगल की ओर अकेले न जाने की अपील की है। वन विभाग का मुख्य उद्देश्य किसी भी तरह की जनहानि को रोकना है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथियों का दल वर्तमान में मरवाही वन परिक्षेत्र के सिवनी परिसर की घुसरिया बीट (कक्ष क्रमांक-2051) में सक्रिय है। हालांकि, विभाग के अनुसार हाथियों की हरकतें अभी सामान्य बताई जा रही हैं, लेकिन ऐहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में वनकर्मियों की तैनाती कर दी गई है।
हाथियों के उपद्रव से चिचगोहना गांव में तीन मकानों को क्षति पहुंची है। इसके अलावा, घुसरिया और चिचगोहना के आसपास करीब 15 किसानों की फसलें भी हाथियों के पैरों तले रौंद दी गई हैं। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा ले रही है और जल्द ही नियमानुसार प्रभावितों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हाथियों का यह दल संभवतः मध्यप्रदेश की सीमा से मरवाही वन क्षेत्र में प्रवेश किया है। वन विभाग के अधिकारियों को अंदेशा है कि यह दल आने वाले दिनों में सिवनी, मरवाही, सचराटोला और पंडरी जैसे इलाकों की ओर बढ़ सकता है। इसे देखते हुए इन संवेदनशील इलाकों में भी वन अमले को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से बार-बार अपील की है कि वे किसी भी सूरत में हाथियों के नजदीक जाने की कोशिश न करें। जंगल की ओर जाते समय सावधानी बरतें और अकेले यात्रा न करें। यदि कहीं भी हाथियों की मौजूदगी दिखे तो तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दें। इसके अलावा, गांवों में मुनादी और जन जागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को लगातार सतर्क किया जा रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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