कोरबा: मेडिकल दुकानों पर चला अभियान, 3 दुकानों का लाइसेंस सस्पेंड

कोरबा। छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और आमजन को गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के राज्य सरकार के प्रयासों के तहत, जिला कोरबा में मेडिकल दुकानों पर दवा नियंत्रण विभाग का अभियान जारी है। जिला दंडाधिकारी के निर्देश और सहायक औषधि नियंत्रक के मार्गदर्शन में, औषधि विभाग की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर बिना प्रिस्क्रिप्शन के प्रतिबंधित दवाओं के व्यापार पर रोक लगाने के उद्देश्य से कई मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया।
विगत 30 जुलाई को पुराना बस स्टैंड क्षेत्र की पांच प्रमुख मेडिकल दुकानों - मेसर्स जायसवाल मेडिकल स्टोर्स, मेसर्स वर्षा मेडिको, मेसर्स बोहरा मेडिकल स्टोर्स, मेसर्स धनवंतरी जेनरिक मेडिकल और मेसर्स दीपक मेडिकल स्टोर्स - की गहन जांच की गई। इस दौरान, दवाओं के क्रय-विक्रय के रिकॉर्ड का मिलान स्टॉक से किया गया। जांच में अवसान तिथि (एक्सपायरी डेट) पार कर चुकी दवाओं और जानवरों के उपयोग हेतु निर्धारित दवाओं को नियमानुसार अलग से लेबल कर रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही, सभी फर्मों को केवल वैध थोक विक्रेताओं से ही उचित बिलों के साथ दवाएं खरीदने की हिदायत दी गई।
खास तौर पर, शासन द्वारा सूचीबद्ध उच्च श्रेणी की एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री के लिए एक विशेष रजिस्टर बनाए रखने और उसमें मरीज व चिकित्सक का विवरण दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। जिन दुकानों में अनियमितताएं पाई गईं, उन पर औषधि नियमावली के तहत सख्त प्रशासनिक कार्रवाई प्रस्तावित है। इसके तहत, आद्या मेडिकल (पोड़ीबहार), मेसर्स गायत्री मेडिकल एजेंसी (बाल्को), मेसर्स रेडक्रॉस मेडिकल स्टोर्स (पुराना बस स्टैंड) और मेसर्स लाइफ केयर मेडिकल स्टोर्स (गेवरा बस्ती) को अनियमितताओं के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
बता दें कि पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिसों के जवाबों की जांच के बाद, मेसर्स श्रेया मेडिकल स्टोर्स (कनकी), सागर मेडिकल स्टोर्स (कोहडिया) और श्री राम मेडिकल स्टोर्स (फतेहगंज) के लाइसेंस को औषधि नियमों के उल्लंघन के मामले में निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान इन दुकानों से किसी भी प्रकार की दवा का क्रय-विक्रय प्रतिबंधित रहेगा। अन्य दुकानों के जवाब आने के बाद विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। गौरतलब है कि नशे के दुरुपयोग वाली दवाओं को बिना प्रिस्क्रिप्शन के बेचना कानूनन अपराध है और इस पर पूर्णतः प्रतिबंध है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इसी तरह के संयुक्त अभियान चलाकर नशीली दवाओं के अवैध विक्रय पर नियंत्रण रखा जाएगा।
निरीक्षण के दौरान, कोरबा सिटी, करतला और कटघोरा क्षेत्रों के मेडिकल स्टोर्स से एंटीबायोटिक दवाओं के कुल 06 नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए, जिन्हें परीक्षण हेतु राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है। इन नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई के दौरान सहायक औषधि नियंत्रक महेन्द्र कुमार देवांगन, औषधि निरीक्षक सुनील सांडे तथा पुलिस विभाग सिटी कोतवाली के अधिकारी मौजूद रहे।
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