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जबलपुर: लिंग परीक्षण के अवैध कारोबार का भंडाफोड़, 15 हजार में सौदा तय

बुधवार, 29 जुलाई 20262 व्यूज
जबलपुर: लिंग परीक्षण के अवैध कारोबार का भंडाफोड़, 15 हजार में सौदा तय
जबलपुर में डॉ. राजेंद्र अग्रवाल के सोनोग्राफी सेंटर में लिंग परीक्षण के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है। पुलिस ने महिला आरक्षक को ग्राहक बनाकर भेजा, जहां 15 हजार रुपये में सौदा तय हुआ।

जबलपुर। प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में सोनोग्राफी सेंटरों में चल रहे अवैध लिंग परीक्षण के कारोबार का पुलिस ने एक बार फिर पर्दाफाश किया है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने एक महिला आरक्षक को ग्राहक बनाकर भेजा, जिसने डॉ. राजेंद्र अग्रवाल के सोनोग्राफी सेंटर में 15 हजार रुपये में लिंग परीक्षण का सौदा तय किया। हैरानी की बात यह है कि यदि गर्भ में कन्या भ्रूण होने पर गर्भपात के लिए अलग से पैसे मांगे जाने की बात भी सामने आई है। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों सेंटरों को सील कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि मालवीय चौक स्थित डॉ. राजेंद्र अग्रवाल के सोनोग्राफी सेंटर में अवैध रूप से लिंग परीक्षण किया जा रहा है। इन शिकायतों की पुष्टि के लिए पुलिस ने एक सुनियोजित योजना बनाई और अपनी महिला आरक्षक को ग्राहक बनाकर सेंटर भेजा। वहां पहुंचकर महिला आरक्षक ने गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग की जांच कराने की बात कही, जिसके बाद सेंटर के कर्मचारियों और डॉक्टर ने 15 हजार रुपये में सौदा तय कर लिया।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यदि जांच में लड़की होने की पुष्टि होती, तो गर्भपात के लिए अतिरिक्त राशि की मांग की जाती। जैसे ही सौदा तय हुआ और रकम का लेनदेन शुरू हुआ, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से सेंटर पर छापा मारा और कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस की मानें तो डॉ. राजेंद्र अग्रवाल और सतीश अग्रवाल जबलपुर में दो सोनोग्राफी केंद्र संचालित करते हैं, जिनमें से एक मालवीय चौक और दूसरा आधारताल क्षेत्र में है। मालवीय चौक स्थित सेंटर में लिंग परीक्षण का सौदा तय हुआ, जबकि आधारताल स्थित सेंटर से गर्भपात से जुड़ी बात सामने आई। इसके बाद दोनों सेंटरों को सील कर दिया गया।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सोनोग्राफी सेंटरों से रजिस्टर, रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में सेंटरों के रिकॉर्ड में कई खामियां पाई गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, कुछ महिलाओं की उम्र दर्ज रिकॉर्ड में संदिग्ध मिली है, वहीं कई मामलों में नाम और पति के विवरण में भी भिन्नता पाई गई है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और जब्त किए गए दस्तावेजों व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह कार्रवाई देश में लिंग परीक्षण को रोकने के लिए बने सख्त कानूनों के बावजूद चल रहे अवैध कारोबार पर एक बड़ी चोट मानी जा रही है। भ्रूण के लिंग की पहचान करना और इसकी जानकारी देना कानूनन अपराध है, और इसके उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। जबलपुर में हुई यह कार्रवाई ऐसे ही नेटवर्क पर नकेल कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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