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राज्यपाल की युवा शक्ति से राष्ट्र निर्माण की अपील

रविवार, 2 अगस्त 20260 व्यूज
राज्यपाल की युवा शक्ति से राष्ट्र निर्माण की अपील
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में छात्रों से ज्ञान, नवाचार और नैतिक मूल्यों के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य जनकल्याण के लिए ज्ञान का उपयोग करना है।

रायपुर, 1 अगस्त 2026: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल उपाधि प्राप्त करना नहीं, बल्कि अर्जित ज्ञान को विवेक, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ जनकल्याण के लिए उपयोग में लाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक शिक्षित व्यक्ति की पहचान उसके प्रमाण-पत्रों से नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उसके अमूल्य योगदान से होती है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य करें, जो समाज के लिए स्थायी रूप से लाभकारी सिद्ध हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।

राज्यपाल श्री डेका आज रायगढ़ स्थित ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस गरिमामय समारोह में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट तथा स्कूल ऑफ साइंस के कुल 688 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर की उपाधियां प्रदान की गईं। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया। इनमें 27 विद्यार्थियों को स्वर्ण, 28 को रजत तथा 29 विद्यार्थियों को कांस्य पदक से अलंकृत किया गया।

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि आज का युग तेजी से बदलती तकनीक, निरंतर नवाचार और तीव्र वैश्विक प्रतिस्पर्धा का दौर है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका केवल पारंपरिक शिक्षण तक सीमित नहीं रह गई है। अब संस्थानों को ऐसे युवा तैयार करने होंगे जो ज्ञान के साथ-साथ संवेदनशीलता, नेतृत्व क्षमता, अनुसंधान की प्रबल प्रवृत्ति और सामाजिक सरोकारों को भी अपने व्यक्तित्व का अभिन्न अंग बनाएं। उन्होंने शिक्षा की सच्ची सार्थकता को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह केवल डिग्री प्राप्त करने में नहीं, बल्कि उस ज्ञान को समझदारी, दूरदर्शिता और नैतिक साहस के साथ जीवन में उतारने में निहित है। आपका ज्ञान तभी पूर्ण और सार्थक होगा, जब वह समाज और मानवता के कल्याण में उपयोगी सिद्ध हो।

राज्यपाल ने छात्रों में विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर निकलने वाले युवा अपने ज्ञान, प्रतिभा और उत्तम संस्कारों के बल पर निश्चित रूप से देश के विकास तथा समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। समारोह में जिंदल स्टील के चेयरमैन एवं सांसद श्री नवीन जिंदल, विश्वविद्यालय की चांसलर श्रीमती शालू जिंदल, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार गोयल, जिंदल स्टील रायगढ़ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री देबोज्योति रॉय, और विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.डी. पाटीदार सहित कई गणमान्य अतिथि विशेष रूप से उपस्थित थे।

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