छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में 2305 नए मोबाइल टावर, सीएम ने मांगी मंजूरी
रायपुर: छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों को मजबूत डिजिटल पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर प्रदेश में डिजिटल एवं दूरसंचार कनेक्टिविटी के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से 'डिजिटल भारत निधि' (डीबीएन) योजना के तहत प्रदेश के दूरस्थ, जनजातीय, सीमावर्ती एवं दुर्गम क्षेत्रों में निर्बाध मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 2,305 नए मोबाइल टावरों की स्थापना हेतु शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'डिजिटल इंडिया' के संकल्प को छत्तीसगढ़ के अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के दौर में मोबाइल नेटवर्क और हाई-स्पीड इंटरनेट की उपलब्धता केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। इन सेवाओं के विस्तार से दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाओं और शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं तक सहज पहुंच मिलेगी, जिससे समावेशी विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश के अनेक दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण संचार नेटवर्क का विस्तार चुनौतीपूर्ण रहा है, वहां 2,305 नए मोबाइल टावरों की स्थापना डिजिटल समावेशन की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन लाएगी। इससे उन गांवों और बसाहटों तक भी विश्वसनीय मोबाइल एवं इंटरनेट नेटवर्क पहुंचेगा, जो अब तक पर्याप्त संचार सुविधाओं से वंचित रहे हैं।
'577 अतिरिक्त टावरों की स्वीकृति से दुर्गम क्षेत्रों में बढ़ेगी कनेक्टिविटी'
मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल प्रभावित एवं दुर्गम क्षेत्रों के लिए 577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर केंद्र सरकार तथा केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय विशेष रूप से बस्तर सहित कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों को डिजिटल मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बेहतर कनेक्टिविटी से नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होगा, आपातकालीन परिस्थितियों में संपर्क सुगम होगा और शासन की ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लोगों को अपने गांव के निकट ही प्राप्त हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार स्वीकृत मोबाइल टावरों की स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दे रही है। कुल 577 स्थानों में से 489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को भूमि संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) जारी किए जा चुके हैं, और शेष 88 स्थानों के लिए भी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। जिन स्थानों पर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां टावरों की स्थापना का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
'डिजिटल कनेक्टिविटी बनेगी शिक्षा और स्वास्थ्य की नई ताकत'
मुख्यमंत्री श्री साय के अनुसार, दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल एवं इंटरनेट नेटवर्क के विस्तार का सबसे बड़ा लाभ विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों को मिलेगा। इंटरनेट कनेक्टिविटी मजबूत होने से विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और डिजिटल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे। इसी प्रकार, टेलीमेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिक विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं से अधिक आसानी से जुड़ सकेंगे। बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी व्यवस्थाएं भी अधिक प्रभावी होंगी, जिससे ग्रामीण नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से दूर नहीं जाना पड़ेगा।
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