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सीजीपीएससी भर्ती घोटाला: अब जेल जाएंगे टामन सोनवानी

शनिवार, 1 अगस्त 20260 व्यूज
सीजीपीएससी भर्ती घोटाला: अब जेल जाएंगे टामन सोनवानी
सीजीपीएससी भर्ती 2021 से जुड़े दो साल पुराने मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किए गए टामन सोनवानी को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की वर्ष 2021 की भर्ती परीक्षा से जुड़ा दो साल पुराना विवाद अब तूल पकड़ता दिख रहा है। इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा पहले से जांच जारी थी, वहीं अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। ईडी की इस कार्रवाई के तहत, आयोग के तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक टामन सोनवानी को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

यह मामला सीजीपीएससी द्वारा 2021 में 171 पदों पर की गई भर्ती से जुड़ा है। भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और चयन में अपारदर्शिता के आरोप लगे थे। सीबीआई की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई थी कि परीक्षा के प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक किए गए थे और प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी जैसे राजपत्रित पदों पर चयनित कराने के लिए अवैध लेनदेन हुआ। सीबीआई ने इस मामले में सोनवानी के साथ बजरंग पावर एंड स्टील लिमिटेड के निदेशक श्रवण कुमार गोयल को भी करीब दो साल पहले गिरफ्तार किया था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, परीक्षा प्रश्नपत्र टामन सोनवानी के घर से कुछ लोगों तक पहुंचाया गया था। इसके बाद तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर के माध्यम से कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र बजरंग पावर एंड स्टील से जुड़े श्रवण गोयल तक पहुंचा। यह भी आरोप है कि श्रवण गोयल के बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका गोयल ने उसी लीक प्रश्नपत्र के आधार पर तैयारी की और बाद में दोनों का चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ।

सीजीपीएससी ने 2021 में 171 पदों के लिए यह भर्ती आयोजित की थी। प्रारंभिक परीक्षा फरवरी 2022 में हुई, जिसके बाद मुख्य परीक्षा और फिर इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी की गई। 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की अंतिम चयन सूची जारी की गई थी। परिणाम आने के बाद परीक्षा और इंटरव्यू प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठे थे, जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।

अब ईडी की कार्रवाई ने इस मामले को एक नई दिशा दे दी है। ईडी कथित वित्तीय अनियमितताओं की गहराई से पड़ताल कर रही है। टामन सोनवानी की गिरफ्तारी और उन्हें जेल भेजे जाने के बाद जांच एजेंसियों की नजरें अन्य आरोपियों और हुए वित्तीय लेनदेन पर भी टिकी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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