सड़क पर मवेशियों का आतंक खत्म, रेडियम बेल्ट से सुरक्षा शुरू

कोरबा, 30 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सड़कों पर घूमते मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री कुणाल दुदावत के कड़े निर्देश के बाद, शहर में आवारा और घुमंतू मवेशियों के खिलाफ एक व्यापक अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सड़क दुर्घटनाओं के खतरे को कम करना है।
कलेक्टर श्री दुदावत ने नगर निगम और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों की तत्काल पहचान कर उन्हें पकड़ा जाए। इसके साथ ही, मवेशी मालिकों का पता लगाकर उनसे नियमानुसार जुर्माना वसूलने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पशुधन विकास एवं पशु चिकित्सा विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे नगर निगम के साथ समन्वय स्थापित कर शहर में घूम रहे मवेशियों के चिन्हांकन और उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
कलेक्टर के निर्देशों का पालन करते हुए, पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने नगर निगम के सहयोग से कोरबा शहर के निहारिका और घंटाघर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में एक विशेष अभियान संचालित किया। इस अभियान के दौरान, सड़क पर घूम रहे मवेशियों को पकड़कर उन्हें रेडियम बेल्ट पहनाई गई। इन बेल्टों का उद्देश्य यह है कि रात के समय जब वाहनों की रोशनी इन मवेशियों पर पड़े, तो वे दूर से ही दिखाई दें, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका काफी कम हो सके।
अभियान के दौरान, मवेशी पालकों को समझाइश भी दी गई कि वे अपने पशुओं को खुला न छोड़ें। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखने और उन्हें सड़कों पर नहीं छोड़ने की सलाह दी गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मवेशियों को सड़कों पर खुला छोड़ना आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में, संबंधित पशु मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाएगा। यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा और शहर के विभिन्न इलाकों में नियमित रूप से मवेशियों को पकड़ने, रेडियम बेल्ट लगाने और जनजागरूकता फैलाने का कार्य किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने शहरवासियों से भी इस अभियान में सहयोग की अपील की है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि यदि उन्हें कहीं भी आवारा मवेशी सड़क पर दिखाई दें, तो वे तत्काल इसकी सूचना नगर निगम या संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके और सड़क सुरक्षा को बनाए रखने में मदद मिल सके।
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