बारिश में खुली अटल परिसर की प्रतिमा की पोल, सियासत गर्म
कटघोरा: राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी अटल परिसर योजना के तहत कटघोरा में स्थापित की जानी थी कांस्य प्रतिमा, लेकिन हाल की मूसलाधार बारिश ने इसके निर्माण की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। शुरुआती दावों के अनुसार, बारिश के बाद प्रतिमा का पेंट उखड़ने लगा, जिससे अंदर इस्तेमाल की गई सामग्री, जैसे सीमेंट आदि, दिखाई देने लगी। इस घटना ने स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाने के लिए मजबूर कर दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, संबंधित अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया है। प्रारंभिक जांच में निर्माण कार्य में अनियमितताएं होने की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने विस्तृत जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जिससे इस प्रकरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
इस मुद्दे को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि यह प्रतिमा निर्माण में भी घोटाला किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांस्य प्रतिमा के नाम पर सीमेंट का प्रयोग किया गया है और इसकी बाहरी परत में इस्तेमाल धातु की प्रामाणिकता पर भी संदेह जताया है। बघेल ने यह भी कहा कि निर्माण कार्य का ठेका भाजपा से जुड़े व्यक्ति को दिया गया था। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार को घेरते हुए कहा कि जिन नेताओं को भाजपा अपना आदर्श मानती है, उनकी प्रतिमा के निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगना अत्यंत गंभीर मामला है और उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है। विधायक देवेंद्र यादव ने भी स्वीकृत राशि के दुरुपयोग और सीमेंट की प्रतिमा बनाकर धोखा देने का आरोप लगाया है।
इधर, इस विवाद के मद्देनजर युवा कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। जिलाध्यक्ष विकास सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। उनकी मुख्य मांग मुख्य नगरपालिका अधिकारी को तत्काल हटाने और पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की है। विकास सिंह ने आरोप लगाया कि अटल परिसर के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी हुई है, और जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
फिलहाल, प्रशासनिक स्तर पर इस पूरे प्रकरण की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही प्रतिमा निर्माण की गुणवत्ता और इसमें हुई वित्तीय गड़बड़ी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। हालांकि, इस विवाद ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नई हलचल मचा दी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ने की संभावना है।
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