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स्मार्ट मीटर और सूर्यघर योजना: छत्तीसगढ़ में उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ

शनिवार, 3 अक्टूबर 20262 व्यूज
स्मार्ट मीटर और सूर्यघर योजना: छत्तीसगढ़ में उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ
छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और पीएम सूर्यघर योजना के माध्यम से बिजली व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जा रहा है। उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से खपत की सटीक जानकारी मिल रही है, वहीं सौर ऊर्जा से बिजली बिल में कमी और सब्सिडी का लाभ भी मिल रहा है।

रायपुर - छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में ऊर्जा क्षेत्र को आधुनिक बनाने और उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। स्मार्ट मीटर और प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना जैसी पहलों के माध्यम से न केवल बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जा रही है, बल्कि उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ भी पहुंचाया जा रहा है। स्मार्ट मीटर बिजली की खपत पर सटीक निगरानी सुनिश्चित कर रहे हैं, जिससे किसी भी तरह की हेरफेर की गुंजाइश कम हो गई है। वहीं, पीएम सूर्यघर योजना के तहत घरेलू उपभोक्ता सौर ऊर्जा का उपयोग करके न केवल अपने बिजली बिल को काफी हद तक कम कर पा रहे हैं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ भी उठा रहे हैं।

प्रदेश में कुल 52 लाख 28 हजार घरेलू उपभोक्ता हैं, जिनमें से अधिकांश मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ उठा रहे हैं। हालिया आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने से बिजली की मासिक खपत में कोई अप्रत्याशित वृद्धि नहीं हुई है। यह वृद्धि सामान्य वार्षिक दर के अनुरूप ही है, जो यह दर्शाता है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की खपत को सही ढंग से दर्शा रहे हैं, न कि उसमें कोई अवांछित बढ़ोतरी कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में अब तक लगभग 43 लाख परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, और जहां भी चेक मीटर लगाए गए हैं, वहां स्मार्ट मीटर से दर्ज खपत निर्धारित मानक सीमा के भीतर ही पाई गई है।

ऊर्जा राहत और सब्सिडी का दोहरा लाभ

स्मार्ट मीटर के साथ-साथ, प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना उपभोक्ताओं के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत, सोलर प्लांट स्थापित करने वाले उपभोक्ताओं को बिजली बिल में बड़ी राहत मिल रही है। कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल लगभग शून्य हो गए हैं। योजना के तहत, 3 किलोवाट क्षमता के प्लांट पर केंद्र सरकार 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी दे रही है, जबकि राज्य सरकार 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा 6% से कम ब्याज दर पर 2 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक, पीएम सूर्यघर योजना के तहत राज्य के लाभार्थियों को केंद्र सरकार से 661 करोड़ रुपये और राज्य सरकार से 225 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिल चुकी है। प्रदेश में 1 लाख 11 हजार से अधिक सोलर प्लांट स्थापित हो चुके हैं, जिनमें से 35 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली बिल शून्य आ रहे हैं।

बढ़ रहा सौर ऊर्जा की ओर रुझान

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के प्रति बढ़ती लोकप्रियता के कारण, प्रदेश में प्रतिदिन 500 से अधिक सोलर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। यह योजना उन उपभोक्ताओं के लिए विशेष रूप से फायदेमंद साबित हो रही है जो पहले 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत के कारण मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे। अब, सोलर प्लांट लगाकर, वे सब्सिडी का लाभ उठाने के साथ-साथ अपनी खपत को कम करके राहत योजना की श्रेणी में भी आ रहे हैं। इससे 200 से 400 यूनिट या 400 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में कमी आई है और वे निचले स्लैब में आ गए हैं। यह दर्शाता है कि राज्य सरकार ऊर्जा संरक्षण और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, तथा सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुविधायुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

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