महासमुंद: आधी रात घर में घुसा तेंदुआ, 6 लोग घायल
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बीती रात जिले के एक गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक तेंदुआ आधी रात के सन्नाटे को चीरता हुआ एक घर में घुस आया। घर के अंदर घुसते ही तेंदुए ने वहाँ मौजूद लोगों पर हमला बोल दिया, जिसमें छह लोग घायल हो गए। इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना देर रात तब हुई जब परिवार के सदस्य सो रहे थे या घर के अंदर अन्य काम कर रहे थे। अचानक घर में घुसे तेंदुए ने सबसे पहले सरजू यादव (60 वर्ष), जनक यादव, मनीष यादव, तुषार यादव, उत्तरी बाई और सुनीता यादव पर हमला किया। तेंदुए के हमले में उत्तरी बाई के चेहरे और गले पर गंभीर चोटें आई हैं, वहीं सुनीता यादव की आंख और चेहरे पर चोट लगी है। मनीष यादव को हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं।
परिवार ने दिखाई अदम्य हिम्मत, तेंदुए को कमरे में किया कैद
तेंदुए के अचानक और हिंसक हमले के बावजूद, परिवार के सदस्यों ने अपनी सूझबूझ और हिम्मत का परिचय दिया। घायलों की चीख-पुकार के बीच, जनक यादव, उत्तरी बाई और अन्य सदस्यों ने मिलकर चतुराई से उस आदमखोर तेंदुए को घर के एक कमरे में बंद कर दिया। उस समय घर में करीब 10 लोग मौजूद थे। अगर परिवार इतनी हिम्मत नहीं दिखाता और तेंदुआ कमरे में बंद नहीं होता, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।
घायलों का इलाज जारी, वन विभाग की टीम सक्रिय
घटना की सूचना मिलते ही तुरंत 112 की मदद से सभी घायलों को बागबाहरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद, गंभीर रूप से घायलों को महासमुंद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहाँ से स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तीन लोगों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेज दिया गया है। अन्य घायलों का इलाज महासमुंद में ही जारी है।
वहीं, घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुँच गई।फिलहाल, तेंदुआ घर के एक कमरे में बंद है। उसे बिना किसी नुकसान के सुरक्षित निकालने के लिए वन विभाग ने रायपुर से विशेष बचाव दल (रेस्क्यू टीम) को बुलाया है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण वन विभाग के रेस्क्यू ऑपरेशन पर टकटकी लगाए हुए हैं, ताकि तेंदुआ सुरक्षित पकड़ा जा सके और ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
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