मतदाता सूची पर विवाद: कांग्रेस ने EC के खिलाफ खोला मोर्चा

जांजगीर-चांपा। मतदाता सूची के पुनरीक्षण और निर्वाचन आयोग द्वारा लिए गए निर्णयों को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को जांजगीर-चांपा कलेक्टोरेट में उग्र प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन ने निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मदनलाल के बंद पेट्रोल पंप के पास एकत्र हुए। वहां से एक विशाल रैली की शक्ल में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट चौक की ओर बढ़े, जहाँ उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कथित 'वोट चोरी' की आशंका है और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर भी संदेह है।
कलेक्टोरेट परिसर के बाहर कड़े सुरक्षा घेरे और बैरिकेडिंग के बीच कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। इस दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कलेक्टोरेट गेट पर पहुंचकर कांग्रेस नेताओं से चर्चा की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल और जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप को ज्ञापन सौंपने के बाद प्रशासन ने उनकी मांगें सुनीं। राजेश अग्रवाल ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की उच्चस्तरीय समीक्षा और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।
विधायक व्यास कश्यप ने कहा कि कांग्रेस मतदाताओं के अधिकार और संविधान की रक्षा के लिए यह आंदोलन कर रही है। उन्होंने निर्वाचन आयोग के कुछ निर्णयों में अन्य आयुक्तों की आपत्तियों को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया। पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने मतदाता सूची में कथित बदलावों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के कार्यकाल में लिए गए फैसलों की स्वतंत्र न्यायिक समीक्षा की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह आंदोलन भविष्य में भी जारी रहेगा।
टिप्पणियाँ (Comments)
सुरक्षा कारणों से इस लेख पर टिप्पणियाँ वर्तमान में बंद हैं।
Comments are disabled for this article.
